वीरगञ्ज आ बिराटनगर महानगरपालिका बनलाक बादो जनकपुर बन नहि सकलप्रति स्थानियबासिदाद्धारा विरोध, जनकपुर आ बुटवल किया महानगर भेल एमालेके प्रश्न

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जेठ १० गते । जनकपुरधाम
तराई मधेशक चर्चित तथा धार्मिक एवम ऐतिहासिक नगरी जनकपुरधामके महानगरपालिका नहि बनौनेप्रति स्थानीयबासिन्दासभ आक्रोश ब्यक्त कँ रहल अछि । सरकार सोम दिन बिराटनगर आ वीरगञ्जके महानगरपालिका बनावके निर्णय कैने रहितो प्राचीन मिथिलाके राजधानी जनकपुरके महानगरपालिका नहि बनौने कहैत जनकपुर बजारमे चौतर्फी चर्चाके विषय बनल अछि । जनकपुरमे अखन एकीकृत शहरी विकास आयोजना आ नेपाल रेल्वेके विस्तार सेहो भँ रहलाक कारणे महानगरपालिका बनाव परवाक स्थानियबासिन्दासभक माग अछि ।
दुई नम्बर प्रदेशके सम्भावित राजधानीके रुपमे सेहो सर्वत्र चर्चाके रुपमे रहल जनकपुरधामके महानगरपालिका नहि बना कँ अहि प्रदेशके वीरगञ्जके महानगरपालिकाके रुपमे घोषणा कएनाई सँ सेहो आगामी दिनमे जनकपुरधामके प्रदेश न. २ के राजधानी बनावके लेल विवाद सिर्जना होवके सम्भावना देखल जाँ रहल स्थानिय नागरिक समाजक अगुवासभक कहव अछि ।
जनकपुर उपमहानगरके जनसंख्या करीव २ लाख ४५ हजार १ सय २८ रहल अई ठाम विश्वभरिके हिन्दू धर्मावलम्बी भ्रमण तथा अवलोकनके लेल अवैइत छथि । जनकपुरके महानगरपालिका नहि बनावके उद्देश्य भविष्यमे प्रदेश नम्बर २ के प्रदेशके राजधानी बन सँ रोकके षडयन्त्र रहल जनकपुर उद्योग वाणिज्य संघक अध्यक्ष शिवशंकर साह हिराके आरोप रहल छनि । तँ नेपाल पत्रकार महासंघ धनुषा शाखाके पूर्वअध्यक्ष एवं नयाँ शक्ति पार्टी नेपालके नेता उमेश साह सेहो जनकपुरके महानगरपालिका घोषणा नहि कएनाई राज्य सँ कैने बिभेदके रुपमे लैने बतौलनि अछि ।

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