विद्यालयसभ विद्यार्थी भर्ना लैतकाल आँखि परीक्षण करपर्वाक नीति पारित

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जेठ ६ गते ,विद्यालयसभ विद्यार्थीके भर्ना लैतेकाल आबसँ सुरुएमे अनिवार्य रुपमे ओकरसभक आँखि परीक्षण करपर्वाक नीति पारित भेलअछि ।
स्वास्थ्य मन्त्रालय तयार कएने ‘राष्ट्रिय आँखि स्वास्थ्य नीति ०७४ मे एहन व्यवस्था कएनेअछि । बृहस्पतिदिनके मन्त्रिपरिषद् बैसारसँ यी नीति पारित करलगते लागू भेलअछि ।
मन्त्रालयके नीति अनुसार, भर्नाक बेर विद्यार्थीके आँखि परीक्षण कऽर अनिवार्य करके साथे हरेक वर्ष ओकरासभके दृष्टि परीक्षण करपर्वाक अछि ।
नीतिमे आँखि स्वास्थ्य सम्बन्धी जनचेतनामूलक सन्देशके विद्यालय तहके कक्षा ५ सँ १२ धरिके पाठ्यपुस्तकसभमे समावेश कऽर पहल करके उल्लेख कएलगेलअछि । तहिना, विद्यालयके शिक्षक तथा निमावि तहके विद्यार्थीके दृष्टि परीक्षणके लेल तालिम दऽक स्थानीय स्तरमे दृष्टि परीक्षणके सेवा उपलब्ध कराबके समेत व्यवस्था कएलगेलअछि ।
आँखि स्वास्थ्य नीतिमे यी लगायत आम नागरिकके आँखिके स्वास्थ्यके विषय समेटलगेलअछि ।
अय नीतिमे आँखिके उपचारके सर्वसाधारणके पहुँचमे पहुँचाब स्वास्थ्य क्षेत्रके निचका तहधरि आवश्यक जनशक्तिके विकास करके आ देशके सब भौगोलिक क्षेत्र तथा प्रशासनिक इकाईमे आँखि उपचारक लेल आवश्यक पूर्वाधारके विकास कर्वाक उल्लेख कएलगेलअछि ।
तहिना, मोतीविन्दुके शल्यक्रिया लगायत आँखि उपचारक सेवाके सामाजिक स्वास्थ्य सुरक्षा कार्यक्रम अन्तर्गत समावेश करके वा विपन्न तथा सीमान्तकृत जनताके प्रदान करके आँखि स्वास्थ्य सेवा सरकारके ‘युनिभर्सल हेल्थ कभरेज सिस्टम’ अन्तर्गत उपलब्ध कराबके नीतिमे उल्लेख अछि ।
हाल स्वास्थ्य बिमा कार्यक्रम सब जिल्लामे लागू नै भेल अवस्थामे अयके अखन निःशुल्क सेवा अन्तर्गत रख्लाकऽबाद अलगे व्यवस्था करके विषयमे छलफल भऽरहल स्वास्थ्य मन्त्रालय जनौलकअछि ।
मन्त्रालयके अनुसार, आँखिके कारण होबऽ सक्वाक अपांगताके दृष्टिगत कऽ आँखिके उपचारके मूलधारमे लएवाक उद्देश्यके साथ आँखि स्वास्थ्य नीतिके तर्जुमा कएलगेलअछि ।

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