प्रदेश–२ मे निर्वाचन नै भेल तँ गरिबी आओर बढ् सक्वाक खतरा

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अषाढ ५ गते,दोसर चरणके स्थानीय तह निर्वाचनक लेल रबिदिन प्रदेश १, ५ तथा ७ के ३५ जिल्लाके ३ सय ३४ स्थानीय तहमे मनोनयन भेलअछि । यी ३ प्रदेशके १ महानगरपालिका, ७ उपमहानगरपालिका, १११ नगरपालिका आ २१५ गाउँपालिकामे सरकारके नयाँ निर्वाचन तालिका अनुसार अषाढ १४ गते निर्वाचन रहितो प्रदेश २ मे अखनधरि आन्दोलनके बाटोमे रहल देखलगेलअछि ।
जयके कारण प्रदेश २ के नागरिक विकास निर्माणके काजसँ बञ्चित भऽक गरिबीके चपेटासँ बहराए आओर समस्या होबके अर्थविद्सभक कहबअछि ।
केन्द्रिकृत शासन प्रणाली ढाईक अधिकार सम्पन्न स्थानीय सरकार बनाबके आ अपन विकास तथा निर्माण अपनेसँ करके संघीय संविधानके मर्म भेलाकबादो अयमे प्रदेश २ छुट्लासँ विभेद आओर बढ् सक्वाक पूर्व अर्थसचिव रामेश्वर खनाल बतोलनिअछि ।
रबिदिन स्थानीय तहके निर्वाचनक लेल मनोनयन नै भेल प्रदेश २ मे रहल पर्सा, बारा, रौतहट, सर्लाही, महोत्तरी, धनुषा, सिरहा आ सप्तरी कऽ ८ जिल्लामे १ सय २७ स्थानीय तहअछि । निर्वाचन नै भेलासँ स्थानीय तहमे आएल बजेट खर्च नै होबके भेलासँ आओर समस्या बढ्वाके अर्थविद् केशव आचार्य बतौलनिअछि ।

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