जनकपुरमे डीजेके प्रभाव बढिरहल, समाज त्रसित विद्यार्थीसभ आतङ्गकीत

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धिरेश दत्त
जनकपुरधाम, अषाढ १० गते शनिदिन ।
जनकपुरमे डीजेके प्रभाव बढिरहलअछि जयके चल्ते समाज त्रसित आ विद्यार्थीसभ आतङ्गकीत बनलअछि ।
ओना कहलजाय तँ ध्वनी प्रदुषण अपना सामाजक लेल अखन अभिषाप भऽ गेलअछि । खास कऽक मधेसक विभिन्न जिल्ला लगायत अपनसभक भावी मिथिलाक राजधानी जनकपुरमे तँ एकर प्रभाव सहजे देख्वामे अबतिअछि ।
विवाह होए वा कुनो ब्रतमन,पार्टी फन्सन ओहुमे किछ खास दिनसभ जेना शनि आ मङ्गलदिन हनुमान आराधनामे सेहो डीजेके प्रभाव अत्यधिक देख्वामे अबतिअछि । अपना सामाजमे अखन डिजे बिना तँ विवाह के कल्पने नै कऽसकैअ । भोजपूरीया अश्लिल गीत बजही परतिअछि । घरक माय बहिन ओय अश्लिल गीतमे नाच करबेकरतिछथि । अखन अपन सामाज कोन दिशादिस जाऽरहलअछि ओहो अपने आपमे पता नै अछि । अयके चल्ते अपन सामजमे उश्रृङ्गखल गतिविधिसभ प्रशय पाबिऽरहलअछि ।
हिन्दू होए वा मुश्लिम धर्मके नाममे भिन्सरे भिन्सर माईक बज्बे करतिअछि । मुद्दा, धर्म रक्षकसभके यी बुझिदेबपरलै कि सबेर सबेर भिन्सरक भगवान, अल्लाह वा कोनो देवी देवताके जगाबसँ पहिने अपन बालबच्चाके जगेनाई जरुरी होईतअछि । पठनपाठन करैवाक जरुरी होईतअछि । भिन्सरे कोनो विद्यार्थी परिक्षाके तयारी कर्वाकलेल पठन पाठन कऽरहल रहतिअछि । ओयके सेहो ध्यानमे रख्वाकचाहि । तँ यी दुःख के बुझिदेत पता नै अछि प्रसाशनसभ किछ कार्यवाही कएलाकऽबादो एकर कोनो खासे प्रभाव परल नै देख्वामे अबतिअछि ।
हमसभ एक विवेकशिल प्राणी छि । हमरासभके यी बुझ्नाई जरुरी अछि कि कोनो एक व्यक्तिके चल्ते दोसरके तँ कोनो हानी नोक्सानी भऽतँ नै रहलअछि । बाजा बजाउ मुद्दा मधुर स्वरमे बजैलासँ निक हेतै । पैघ आवाजमे बजएलासँ हृदयघाट होएवाक सम्भावना बेसी होईतअछि, कान बहर होब के साथे कानक जाली फाट् सकैतअछि । ताहिसँ हमसभ अपन खुशीयाली मनैवाक लेल दोसरके सेहो अर्थात् अपन सामाजके दुःख देनाई कतेक न्यायोचित ह्यात अपनेसँ विचार केनाई जरुरी अछि आ साथे प्रशासनके सेहो अयमे रोक लगेनाई जरुरी अछि । जयके चल्ते ध्वनी प्रदुषण नियन्त्रण भऽसकै आ सबमे जनचेतना जगाबिक हमसभ अपनेआपमे एक सभ्य नागरिकके परिचय देबसकि ।

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